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रांची का अपना जंतर मंतर पल — और एक सवाल कि देर से कौन पहुंचा
झारखंड में छात्र पेपर लीक को लेकर भूख हड़ताल पर हैं, दिल्ली से हिम्मत उधार ले रहे हैं, लेकिन सुर्खियां नहीं। और जब BJP के अपने प्रवक्ता को सार्वजनिक रूप से पूछना पड़ा कि राहुल गांधी कहां हैं, तो यह सवाल ठीक से पूछे जाने लायक है।
हम जंतर मंतर पर थे जब लाठियां चलीं। यहां है पूरी कहानी।
एक तख्ती जिस पर लिखा था 'सड़क को रोका जा सकता है, आंदोलन को नहीं।' दंगा गियर में पुलिस। एक भूख हड़ताल, एक अस्पताल में भर्ती, पेपर लीक का एक देशव्यापी पैटर्न — और नेताओं की एक बढ़ती कतार जो एक छात्र आंदोलन से खुद को जोड़ने की कोशिश कर रही है।
युवा बेरोजगारी: वह कहानी जिसे कोई अपनाना नहीं चाहता
हर पार्टी के पास रोजगार का वादा है। लगभग किसी के पास एक साल बाद बचाव करने लायक आंकड़ा नहीं है। हमने इसी अंतर को खोजा।
कॉलेज एडमिशन ऑनलाइन हुए, और उलझन भी साथ आई
केंद्रीकृत काउंसलिंग से बिचौलियों को हटाना था। छात्रों का कहना है कि इसने अफरा-तफरी को बस पोर्टल पर शिफ्ट कर दिया।